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Ayurveda in Hindi – आयुर्वेद का महत्व Easy आयुर्वेदिक उपचार घर बैठे – बैठे

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Written by Himanshu sonkar

Ayurveda in Hindi : अगर आप शानदार जीवन की कल्पना करते हैं तो उस शानदार जीवन के लिए आपको सबसे पहले अपने सेहत को शानदार करना होगा अपने सेहत को शानदार करने का सबसे अच्छा तरीका Ayurveda (आयुर्वेद) में मिलता है प्राचीन काल में राजा एवं रानियों की सुंदरता अद्भुत होती थी उस समय के काल में cosmetics का कोई भी यूज़ नहीं था उस समय अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए केवल और केवल आयुर्वेद का ही उपयोग किया जाता था तो दोस्तों आज हम इस पोस्ट में जानेंगे अपने जीवन में आयुर्वेद का उपयोग करना कितना आसान है ayurveda in hindi एवं जानेंगे आयुर्वेद हमारे लिए क्यों जरूरी है importance of ayurveda in hindi और साथ ही साथ कुछ रोचक घरेलू आयुर्वेदिक उपचार भी जानेंगे जिसे आप घर बैठे आसानी से बना सकते हैं.

What is Ayurveda in Hindi – सही मायने में आयुर्वेद क्या है

आयुर्वेद को समझने के लिए हमें आयुर्वेद शब्द को समझना होगा – आयु + वेद = आयुर्वेद जहां पर आयु का मतलब होता है जीवन या Life एवं वेद का मतलब होता है ज्ञान तो हम कह सकते हैं आयुर्वेद का मतलब होता है जीवन को स्वस्थ जीने का ज्ञान आयुर्वेद हमें प्राचीन काल से ही स्वस्थ एवं निरोगी रहने की बात सिखाते आ रहा है क्या आपको पता है कि हमें किसी भी प्रकार की बीमारी कैसे होती है इसका सीधा सा जवाब है हम अपने जीवन में किस प्रकार से रहते हैं और किस प्रकार की खानपान करते हैं

Ayurveda in Hindi

अगर आप जीवन में सही रूप से खानपान करते हैं एवं सही रूप से रहते हैं तो आपको कोई भी बीमारी नहीं हो सकती है “आयुर्वेद एक प्राचीन ज्ञान है जिसमें जीवन को स्वस्थ एवं निरोगी जीने के बारे में संपूर्ण ज्ञान मिलता है” आयुर्वेद का आधार सबसे ज्यादा संतुलन पर है अर्थात आप अपने जीवन में अपने खान-पान में किस प्रकार से संतुलन करते हैं

अगर आप हमेशा भोजन को आवश्यकता से ज्यादा ग्रहण करेंगे अगर आप आवश्यकता से ज्यादा आराम करेंगे अगर आप आवश्यकता से ज्यादा जीवन में किसी भी प्रकार की चीजों का सेवन करेंगे तो यह आपके लिए घातक साबित होता है अगर आप किसी भी काम को एवं अपने आहार को संतुलित रखते हैं तो आपको जीवन भर किसी भी बीमारी का सामना नहीं करना पड़ेगा

आयुर्वेद का इतिहास जानिए – History of Ayurveda

हम यहां पर Ayurveda in Hindi में आयुर्वेद का इतिहास जानेंगे (History of Ayurveda) आयुर्वेद एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद का जन्म कब हुआ यह पता लगाना लगभग नामुमकिन सा माना गया है क्योंकि आयुर्वेद जब लिखने की शैली का आविष्कार भी नहीं हुआ था तब से चला आ रहा है आयुर्वेद को किसी एक ने नहीं लिखा बल्कि बहुत सारे ऋषि-मुनियों ने अपने कड़े तपस्या एवं साधना के बाद अपना अपना चिकित्सा पद्धति जड़ी बूटियों के आधार पर लिखा है

वैसे आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि को कहा जाता है जो विष्णु जी के अवतार है आयुर्वेद को वर्तमान में अभी तक इन ग्रंथों के सहारे जाना गया है यह ग्रंथों के नाम इस प्रकार से – चरक संहिता, सुश्रुत संहिता,अष्टांग हृदय, रस रत्नाकर

Importance Of Ayurveda In Hindi – आयुर्वेद का महत्व

आयुर्वेद का महत्व : आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं है यह हमें जीवन मूल्यों एवं जीवन के ज्ञान को बताता है आयुर्वेद का जन्म भारत में ही हुआ लेकिन इसका लाभ प्राचीन काल से पूरा विश्व उठा रहा है अगर हम बात करें आयुर्वेद के उद्देश्य के बारे में तो आयुर्वेद का मुख्य रूप से तीन उद्देश्य माना गया है

1. पहला स्वास्थ्य की रक्षा करना

2. दूसरा जो स्वस्थ मनुष्य है उसके स्वास्थ्य का संवर्धन करना

3. रोगी व्यक्तियों के रोगों का निवारण करना

आयुर्वेद के उपचार का सिद्धांत हमेशा से रोगियों के रोग को जड़ से खत्म करने का रहा है इसलिए अगर आप किसी रोग को आयुर्वेदिक औषधियों से ठीक करते हैं तो आपको थोड़ा समय तो लगता ही है लेकिन वह रोग जड़ से खत्म हो जाता है

हम कह सकते हैं कि आयुर्वेद का जन्म भारत में ही हुआ है प्राचीन काल में आयुर्वेद का अच्छा ज्ञान केवल ऋषि-मुनियों के पास ही होता था एवं यह ज्ञान को लेने के लिए दूसरे देशों से भी चिकित्सक ऋषि-मुनियों के पास आया करते थे एवं अपने देश में आयुर्वेद के इस्तेमाल से रोगियों की चिकित्सा किया करते थे.

आयुर्वेदिक उपचार घर बैठे – बैठे Ayurveda in Hindi

आयुर्वेद रोगियों के रोग को जड़ से खत्म करता है एवं आयुर्वेद का उपचार अन्य उपचार से काफी सस्ता होता है आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाले सामग्री आसानी से बहुत हद तक आपके घर पर ही मौजूद होती है आइए जाने कुछ मुख्य आयुर्वेदिक उपचार जिसे आप घर पर ही आसानी से कर सकते हैं

Importance Of Ayurveda In Hindi
आयुर्वेदिक उपचार घर बैठे - बैठे

1. कमर दर्द आयुर्वेदिक उपचार ( Back Pain Treatment in Ayurveda)

अगर आप कमर दर्द की शिकायत से हमेशा परेशान रहते हैं एवं आपका कमर दर्द बहुत पुराना है तो मैं आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहा हूं जिससे आप आसानी से अपने पुराने से पुराने कमर दर्द को आसानी से ठीक कर सकते हैं यह औषधि आपको आपके घर पर ही मिल जाएगी इसे बनाने के लिए आप यह सामान इकट्ठा कर लीजिए

1. मेथी दाना (Fenugreek seeds)

2. शहद (Honey)

3. पानी (Water)

कमर दर्द आयुर्वेदिक उपचार विधि : आप दोपहर के टाइम में दो चम्मच मेथी दाना को एक गिलास पानी में डाल दीजिए एवं 4 से 5 घंटे तक उसे वह पानी में भीगे रहने दीजिए रात के समय में उस पानी के समेत मेथी दाना को गर्म कर लीजिए जब पानी आधा हो जाए तब उसे छान लीजिए और एक गिलास में दो चम्मच शहद डालकर रात में पीजिये 5 से 6 दिनों में आपका कमर दर्द बिल्कुल ही समाप्त हो जाएगा अगर आपका कमर दर्द अभी नया नया है तो 2 से 3 दिनों में यह कमर दर्द समाप्त हो जाएगा.

2. पैरों का दर्द आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic treatment of foot pain)

पैरों का दर्द ज्यादातर महिलाओं में मुख्य रूप से होता है लेकिन पैरों के दर्द की वजह उन्हें अधिक मामलों में पता नहीं होता पैरों की दर्द बहुत सारे वजह से हो सकती है जैसे अधिक वॉक कर लेना हड्डियां कमजोर हो जाना या खट्टे का ज्यादा खा लेना बहुत सारी कारणों के कारण से पैरों का दर्द होता है अगर आपको पैरों का दर्द है तो इसके लिए 1 घरेलू उपाय है आपको इन चीजों की आवश्यकता है-

1 नीम का पत्ता (Neem leaf)

2 फिटकरी (Alum)

3 एक टब में गर्म पानी (Hot water)

पैरों का दर्द आयुर्वेदिक उपचार : रात में सोते समय एक टब में गर्म पानी ले यह गर्म पानी जितना हो सके उतना गर्म करें और आप जितना सह सकते हैं उतना ही गर्म करें उसके बाद उसमें तीन से चार चम्मच फिटकरी डालकर अच्छे से वह पानी में घोल ले उसके बाद इसमें नीम का पत्ता डालें और उसके बाद अपने पैरों की करीबन २० मिनट सिकाई करें कुछ ही दिनों में आप देखेंगे कि आपकी पैरों की दर्द समाप्त होने लगी है

3. पेट की चर्बी जल्दी खत्म करने का आयुर्वेदिक उपाय – Ayurveda in Hindi

आजकल उल्टे सीधे खान-पान के कारण पेट की चर्बी बढ़ना आम बात हो गई है पेट की चर्बी आजकल बच्चों एवं भूढो में भी देखी जाती है तो बिना एक्सरसाइज किये कुछ लोग सोचते हैं कि हम पेट की चर्बी कैसे कम कर सकते हैं तो मैं आपको बता दूं कि एक्सरसाइज भी पेट की चर्बी दूर करने के लिए जरूरी है एवं आप पेट की चर्बी दूर करने के लिए यह एक उपाय भी कर सकते हैं इसके लिए आपको इन चीजों की आवश्यकता है

1 शहद (Honey)

2 नींबू (Lemon)

3 जीरा (Cumin)

4 गर्म पानी (Hot water)

पेट की चर्बी जल्दी खत्म करने का आयुर्वेदिक उपाय : आप सुबह खाली पेट में एक गिलास गर्म पानी मैं शहर नींबू एवं भुना हुआ जीरा इन सब को अच्छे से मिलाकर खाली पेट रोजाना पिए आप केवल 1 हफ्ते में परिणाम देखने लगेंगे अगर आप इसे 1 महीने लगातार करें तो काफी हद तक आपकी पेट की चर्बी बिल्कुल कम हो जाएगी शहद एवं नींबू एवं जिला आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा होता है.

4. आलस एवं कमजोरी दूर करने के आयुर्वेदिक उपचार – Ayurveda in Hindi

यदि आप आलस्य एवं कमजोरी के शिकार हो गए हैं या घर में आपके बच्चे एवं घर का कोई सदस्य अधिक आलस के कारण परेशान रहता है तो आयुर्वेद में इसका भी घरेलू उपचार बताया गया है यदि आप इसे रोजाना करेंगे तो मात्र 3 से 4 दिनों में परिणाम आपके सामने होगा इसके लिए आपको यह चाहिए –

1 दही से निकाला हुआ शुद्ध मक्खन (Curd butter)

2 मिश्री

आलस एवं कमजोरी दूर करने के आयुर्वेदिक उपचार : आप भोजन करते समय एक कटोरी में दही से निकाला हुआ शुद्ध मक्खन लीजिए उसमें थोड़ा सा पानी डालिए एवं उसमें मिश्री डाल दीजिए आप इसे मिलाकर एक कटोरी में ले लीजिए अब आप इसे भोजन के साथ रोजाना खाइए 3 से 4 दिनों में आपका आलस काफी हद तक कम हो जाएगा

5. मधुमेह को जड़ से खत्म करने का आयुर्वेदिक उपचार – Ayurveda in Hindi

मधुमेह (Diabetes) आजकल मधुमेह का शिकायत काफी लोगों को है आप मधुमेह को आयुर्वेदिक तरीके से जड़ से खत्म कर सकते हैं बड़ी आसानी से इसके लिए आपको कुछ परहेज करना होगा एवं आपको अगर मधुमेह को जड़ से खत्म करना है तो यह सब करना होगा इसके लिए आपको यह चाहिए –

1 करेला (bitter gourd)

2 टमाटर (tomatoes)

3 खीरा (Cucumber)

मधुमेह को जड़ से खत्म करने का आयुर्वेदिक उपचार : मधुमेह को खत्म करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ हद तक परहेज करना पड़ेगा जिसमें आपको मीठा एवं मीठे से बने कोई भी चीज को बिल्कुल ना के बराबर खाना है उसके बाद आप रोजाना सुबह उठकर खाली पेट एक गिलास ठंडा पानी पीजिए उसके बाद आप पहला दिन करेले का जूस दूसरा दिन टमाटर का जूस एवं तीसरा दिन खीरे का जूस पीजिए यह चक्र आप 1 महीने तक कीजिए उसके बाद आप अपने मधुमेह का जांच करवाइए शत-प्रतिशत आपका मधुमेह काफी हद तक कंट्रोल में रहेगा एवं कुछ वर्षों में खत्म भी हो जाएगा

आपको Ayurveda in Hindi कैसा लगा

दोस्तों आपको Ayurveda in Hindi कैसा लगा हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं आयुर्वेद हमारे संस्कृति का एक हिस्सा है जिसे लोग आज काफी हद तक भूल चुके हैं इसलिए हम Todaythinking.com वेबसाइट के माध्यम से आपको आयुर्वेद का इंपॉर्टेंस बताना चाहते हैं आपको यह पोस्ट कैसा लगा हमें जरूर बताएं .

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Himanshu sonkar

Hello Dosto mera nam Himanshu Sonkar hai or mujhe online aap sab ko information dena bahut hi pasand hai mera post aap logo ke kam aay is Se Jyada Badi Baat aur kuch nahi .

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