Republic Day special | गणतंत्र दिवस का रहस्य शायद आप नहीं जानते

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दोस्तों हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे गणतंत्र दिवस का रहस्य है इसे आप शायद जानते हैं दोस्तों आज हम जानेंगे गणतंत्र दिवस के पीछे का एक बड़ा रहस्य.

गणतंत्र दिवस का रहस्य

दोस्तों इस दिन भारत के  संविधान का निर्माण हुआ था संविधान का अर्थ है कानून व्यवस्था इस दिन हमारे भारत की कानून व्यवस्था का निर्धारण किया गया था जब हमारा भारत अंग्रेजों का गुलाम था तब कई स्वतंत्रता सेनानी हमें आजादी दिलाने में लगे हुए थे और भारत का संविधान निर्माण करने की भी कोशिश कर रहे थे .

भारत में संविधान का उद्गम

भारत को लोकतंत्रात्मक राज्य बनाने के लिए हमारे महापुरुषों ने विदेशियों से कुछ अप्रत्यक्ष मांगे की थी सन 1895  में बाल गंगाधर तिलक ने सर्वप्रथम स्वराज की मांग की बाल गंगाधर तिलक ने कहा था स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे लेकर रहेंगे

1934 में पहली बार समयवादी विचारधारा के M.N. राय द्वारा भारत में संविधान बनाने की मांग की गई जो पहली बार भारतीय संविधान बनाने की प्रत्यक्ष मांग थी 1935  में  INC(भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) द्वारा संविधान की मांग की गई जो औपचारिक मांग थी तेज बहादुर सप्रू द्वारा आह्वान किया गया कि सभी भारतीय एक होकर जन आंदोलन करेंगे और संविधान का निर्माण करेंगे 1945 में ब्रिटेन में चुनाव हुआ और वहां के प्रधानमंत्री चर्चिल हार गए और क्लेमेंट एटली वहां के नए प्रधानमंत्री बने क्लेमेंट एटली ने भारत की मांग पूरी करने के लिए कैबिनेट मिशन भारत में भेजा जिस के मेंबर पेथिंग लॉरेंस क्रिप्स और एलेग्जेंडर थे कैबिनेट मिशन के आधार पर भारत में संविधान सभा का गठन किया गया .

संविधान सभा का गठन

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 1945 ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में सर क्लेमेंट एटली के नेतृत्व में लेबर पार्टी की उदारवादी दृष्टिकोण वाली सरकार बनी 14 मार्च 1946 को प्रधानमंत्री सर इटली ने घोषणा की कि भारतीयों को आजाद होने का अधिकार है अतः अपने मंत्री मंडलों से 3 सदस्य कैबिनेट मिशन भारत में भेजा भारत में तत्काल एक संविधान सभा तथा संविधान निर्माण हेतु योजना प्रस्तुत की संविधान सभा के लिए चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में संपन्न हुआ जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस के 208 सदस्य मुस्लिम लीग के 73 सदस्य तथा छोटी रियासतो समूह की 15 सीटें प्राप्त हुई.

1946 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा उद्देशिका प्रस्तुत की गई जो आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना बना जिसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा द्वारा सर्व सम्मानित किया गया इस प्रकार 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लग गए संविधान निर्माण में 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अलंकृत किया तथा उस समय निर्वाचन राष्ट्रपति नागरिकता जैसे 15 अनुच्छेद ओं को लागू किया 26 जनवरी 1950 को संविधान संपूर्ण भारत और भारतीय के लिए लागू किया गया तब से आज तक 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे और 26 नवंबर 2015 से डॉ भीमराव अंबेडकर का 125 वां जन्मदिन के रूप में संविधान दिवस के रूप में मनाना प्रारंभ किया .

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

सर्वप्रथम अमेरिका संविधान में प्रस्तावना को शामिल किया गया उसके उपरांत अन्य देशों में इसे अपनाया जिसमें भारत भी शामिल है इसे संविधान का सार कहते हैं यह प्रस्तावना कुछ इस प्रकार है भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति विश्वास धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और अवसर की क्षमता प्रदान कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर 1949 को एतद् द्वारा इस संविधान सभा को अंगगिक्रितके अधिनियम में एवं आत्मा अर्पित करते हैं .

संविधान की प्रमुख विशेषताएं

  • सबसे लंबा लिखित संविधान इसमें 22 भाग 395 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां का वर्णन है.
  • एकीकृत एवं स्वतंत्र न्यायपालिका.
  • एकात्मकता कि ओर झुकाव के साथ संघीय व्यवस्था.
  • राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत .
  • एक धर्मनिरपेक्ष राज्य.
  • एकल नागरिकता.

इस तरह से भारत का संविधान बनाया गया तथा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्म दिवस के दिन भारत का संविधान दिवस मनाया जाता है और हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र मनाया जाता है सभी शालाओं में बच्चे ध्वजारोहण करते हैं तथा परेड भी निकालते हैं .

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