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जाने आईपी एड्रेस क्या होता है | What is IP address Detail Explain

What is IP address Detail Explain in Hindi , www.todaythinking.com
Written by Himanshu sonkar

हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब लोग आज हम IP address के बारे में बात करेंगे दोस्तों आपको Internet में IP address से Related ,Post and video तो बहुत सारे मिल जाएगी लेकिन मैंने देखा है कि किसी Video में Detail में IP address के बारे में बताया नहीं गया है कोई बात नहीं दोस्तों आज हम जानेंगे IP address आखिर होता क्या है वह भी Detail में तो चलिए जानते हैं What is IP address

What is IP address

दोस्तों IP address का फुल फॉर्म Internet Protocol होता IP address को समझने से पहले हमें यह जानना होगा IP address कि आखिर जरूरत क्यों पड़ती है दोस्तों क्या आपको पता है कि Internet में IP address, Communication and Identification का एकमात्र जरिया है कैसे ?

मान लेते हैं दो Computer है एक कंप्यूटर इंडिया के किसी शहर में है और दूसरा कंप्यूटर अमेरिका के किसी शहर में अब हमें इन दोनों में Communication कराना है तो हम किस प्रकार से कराएंगे दोस्तों पहले यह जान ले कि यह दोनों कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़ा हुआ है अब हमें Communication करने के लिए एक Address की जरूरत पड़ेगी यह उसी प्रकार है दोस्तों जिस प्रकार हम पुराने जमाने में अपने दोस्तों को चिट्ठियां भेजा करते थे वह चिट्ठियों में आप उनका Address लिख देते थे जिससे वह सही पते पर पहुंच जाती थी इसी प्रकार होता है दोस्तों IP address.

यह इंटरनेट में एक जगह से दूसरे जगह संदेशों को भेजने के लिए संदेश से मेरा तात्पर्य दोस्तों Data को भेजने के लिए एक Specific Address की जरूरत पड़ती है जिसे हम IP address कहते हैं दोस्तों आपने अपने घर में एक Internet connection लगवाया और आप Internet browsing करते हैं आप अपने कोई भी Favorite Browser में जो कि एक Application हैं किसी Website का Url लिखते हैं और वह Url आपके पास एक Page को Open कर देता है तो यह कैसे होता है क्योंकि दोस्तों वह Page एवं वह Website का Data तो अन्य जगह में है तो यह किस प्रकार होता है जी हां दोस्तों व Data जहां पर Store होता है उसे तो हम Sarwar कहते हैं .

आईपी एड्रेस काम कैसे करता है | How IP Address Works

Sarwar के बारे में मैंने एक आर्टिकल पहले ही लिख दिया है तो आप उसे देख सकते हैं हम अपने पॉइंट पर आते हैं दोस्तों हमने अपने Browser में जो Url टाइप किया उसने वह Website को Request भेजी और वह Website ने एक Address में हमें वह Request का आंसर दिया जिसे हम IP address कहेंगे यह Journey कैसी होती है इसे हम जानेंगे IP address के काम करने के पीछे एक structure छुपा हुआ है जिसे आज हम पूरा जान लेंगे हम यह भी जानेंगे कि IP address कितने प्रकार का होता है.

दोस्तों हमें IP address को समझने के लिए OSI Model को समझना बहुत ही जरूरी है लेकिन आज मैं आपको OSI Model के कुछ पाठ बता रहा हूं जो TCP-IP के लिए महत्वपूर्ण है TCP/IP का फुल फॉर्म(Transmission Control Protocol/Internet) होता है इसके कुछ प्लेयर है जो है –

TCP/IP Layers

1. Application Layer
2. Transport Layer
3. Internet Layer
4. Network Access Layer

हमारे Computer से Destination Computer तक Data Travel करता है वह इन्हीं नियमों से होकर Travel करता है –

1.  Application Layer 

यह codes का Set Of Rules Follow करता है जिसे हम Protocolकहते हैं इसमें पहले से Decided कुछ Rules ,codes में आपके Device का Browserलिख देता है जिसे हम Application layer कहते हैं इसमें HTTP Protocol होता है .

2. Transport Layer

Transport Layer यह एक प्रोग्राम जैसा है जिसमे Application Layer के बाद यह एक रैपिंग का कार्य करता है जिस प्रकार हम पुराने समय में अपने खत  को किसी जगह में भेजने के लिए लिफाफे में डालते हैं उसी प्रकार यह Layer इसमें कुछ प्रोग्राम से हमारे Data को wrap कर देता है.

3. Internet Layer

जिस प्रकार Transport Layer हमारे Data को कुछ प्रोग्राम से wrap करके उसमें Destination का Address लगा देता है उसी प्रकार Internet Layer भी हमारे Data के ऊपर एक नया लेयर लगा देता है जिसे हम Internet Layer कहते हैं.

4. Network Access Layer

इस Layer का कार्य यह होता है कि यह Data को Small Pieces में अलग कर देती है और फिर से इसमें Covering करके अपना कुछ अलग Address लगा देती है फिर इसके बाद यह Transport होकर हमारे Destination तक पहुंच जाती है.

जाने हमारा डाटा कैसे ट्रैवल करता है |Data travel

दोस्तों Network Access Layer के बाद हमारा Data ,Lan card से होते हुए Router तक जाता है Lan card वह होता है जिसमें हम इंटरनेट के लिए Port लगाते हैं दोस्तों हमारे Computer में Lan card मे भी एक Number होता है जो Computer का Identification बताता है जिसे हम Mac address कहते हैं आपने देखा होगा LAN port में हम Fiber optical cable लगाते हैं यह cable हमारे पास के Router से जाकर जुड़ा होता है यह Router का जाल होता है जो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर तक फैला होता है यह क्रिया बहुत लंबी होती है लेकिन बहुत जल्दी होती है हमारा डाटा किस प्रकार ट्रैवल करता है आपके Request देने पर हम इस चित्र में देख सकते हैं.

दोस्तों अभी तक हमने जानाकि IP address क्याहै लेकिन क्या आपको पता है कि Public IP और Private IP क्या होता है तो आइए जान लेते हैं.

What is Public IP and Private IP

दोस्तों क्या आपको पता है कि हमारे Computer और अन्य डिवाइस में 2  IP होते हैं एक Internal  IP जिसको private IP कहा जाता है और दूसरा है External IP  जिसको हम public IP भी कहते हैं मान लीजिए आपने एक internet connection लगवाया है वह connection में आपको router मिलता है लेकिन दोस्तों यहां पर इंटरनेट कनेक्शन तो एक है लेकिन router से अलग अलग डिवाइस चल रहे हैं तो उनको अलग अलग IP मिल जाएगी लेकिन वह Local IP/ Private IP होगी क्योंकि वह एक नेटवर्क बनाती है दोस्तों अब आपके दिमाग में यह सवाल जरूर आएगा कि हमें Private IP  ऐड्रेस की जरूरत क्यों पड़ती है यह बेसिकली IP ऐड्रेस की बचत के लिए है क्योंकि हमारी दुनिया में अरबों कंप्यूटर है लेकिन कितने अरब IP address बनाना संभव नहीं है इसलिए नेटवर्क में लाकर आईपी ऐड्रेस की कमी का हल लाया जाता है.

आईपी एड्रेस के प्रकार / Types of IP Address

दोस्तों IP address 2 प्रकार के होते हैं IPV4 and IPV6 दोस्तों IPV4 पूरा नाम Internet Protocol Version 4 और IPV6 पूरा नाम Internet Protocol Version 6 होता है.

IPV4( Internet Protocol Version 4)

दोस्तों IPV4 32 bit का होता है दोस्तों इसमें 8-8bit के 4 blocks होते हैं दोस्तों इसमें Decimal number (0-9)का उपयोग किया जाता है इसमें  हर एक block जो आपस में Divid रहता है वह एक सिंगल डॉट (.) में Divid रहता है example – 69.88.31.226 सभी blocks में इस के Range (0-255) हो सकते हैं इससे ज्यादा नहीं हो सकते .

IPV6( Internet Protocol Version 6)

दोस्तों IPV6 128 bit का होता है दोस्तों इसमें 16bit के 8 blocks होते हैं इसमें Hexadecimal number (0-9,A-F)का उपयोग किया जाता है इसमें हर एक block जो आपस में Divid रहता है वह Colon(:) में Divid रहता है example – 2002:4559:1AF2::4559:1FE2 इसका कोई Range नहीं होता .

दोस्तों आपको आईपी ऐड्रेस के बारे में यह पोस्ट कैसा लगा कमेंट में जरूर बताएं और अगर आपको मेरा पोस्ट अच्छा लगे तो शेयर भी जरूर कर दे ऐसे इंफॉर्मेशन से रिलेटेड पोस्ट पढ़ने के लिए हमेशा www.todaythinking.com  वेबसाइट में आते रहे अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद .

Himanshu Sonkar_

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Himanshu sonkar

Hello Dosto mera nam Himanshu Sonkar hai or mujhe online aap sab ko information dena bahut hi pasand hai mera post aap logo ke kam aay is Se Jyada Badi Baat aur kuch nahi .

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